जिंकम मेटैलिकम (Zincum Metallicum): दिमागी थकान और नसों की कमजोरी की अचूक होम्योपैथिक दवा
जानिए जिंकम मेटैलिकम के होम्योपैथिक उपयोगों के बारे में। यह नसों की कमजोरी, दिमागी थकान, धीमी शारीरिक कार्यप्रणाली और अत्यधिक संवेदनशीलता को ठीक करने के लिए एक बेहतरीन दवा है।

गंभीर स्थिति का स्वयं उपचार न करें
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परामर्श शुरू करेंवर्गीकरण (Classification): एक एंटीसोरिक (Antipsoric) दवा
सामान्य रूपरेखा और शारीरिक गठन (General Profile & Constitution)
उपयुक्तता: टूटे हुए (कमजोर) और क्षीण शारीरिक गठन के लिए सबसे उपयुक्त, विशेष रूप से कमजोर बच्चों और लड़कियों में। अत्यधिक काम करने वाले और आसानी से उत्तेजित होने वाले व्यक्तियों के लिए उपयुक्त (नक्स वोमिका - Nux Vomica के समान)।
इनके लिए उपयुक्त नहीं: स्वाभाविक रूप से कमजोर दिमाग वाले व्यक्तियों या मूर्खता (idiocy) के कगार पर खड़े बच्चों के लिए उपयुक्त नहीं (तुलना करें Baryta carb. से)।
मुख्य विशेषता: कमजोरी (Enfeeblement) इस पूरी दवा की प्रमुख विशेषता है। शरीर की पूरी कार्यप्रणाली थकी हुई और कमजोर होती है, साथ ही शरीर में खून की कमी (anaemia), अत्यधिक थकावट (prostration) और पूरे शरीर का दुबलापन/सूखापन (emaciation) होता है।
धीमापन (Slowness): शरीर के सभी कार्य धीमे होते हैं। दाने (eruptions) धीरे-धीरे निकलते हैं, दिमाग धीमा होता है और पाचन धीमा होता है।
संवेदनशीलता (Sensitivities):
अत्यधिक संवेदनशील और उत्तेजित। यह अत्यधिक संवेदनशीलता Nux Vomica (जो कि इसके विपरीत/हानिकारक है) के समान है।
शरीर के एक हिस्से में अत्यधिक संवेदनशीलता और दूसरे हिस्से में सुन्नपन (lack of feeling)।
शोर के प्रति अत्यधिक संवेदनशील: हर छोटी आवाज, कमरे में लोगों की बातचीत, या यहाँ तक कि कागज मरोड़ने की आवाज से भी दिक्कत।
हमेशा ठंड लगना और ठंड के प्रति अत्यधिक संवेदनशील (हवा के झोंके के संपर्क में आने पर शरीर के सभी हिस्सों में चीरने वाला दर्द होता है)।
शारीरिक दिखावट: चेहरा पीला, झुर्रियों वाला, अस्वस्थ और बीमार दिखता है। त्वचा मुरझाई हुई लगती है।
तंत्रिका तंत्र और मस्कुलोस्केलेटल (Nervous System & Musculoskeletal)
सामान्य तंत्रिकाएं: मरीज घबराया हुआ (nervous), कांपता हुआ (trembling) और फड़कता हुआ (quivering) रहता है, और मांसपेशियों में फड़कन (twitching) होती है। यह मस्तिष्क और रीढ़ की हड्डी के लक्षणों से भरा हुआ है।
दर्द: नसों के मार्ग के साथ-साथ न्यूराल्जिक (Neuralgic) और चीरने वाले दर्द। दर्द में चीख पड़ना (तुलना करें Apis से)।
तनाव और खिंचाव (Tension & Drawing): हर जगह तनाव और खिंचाव महसूस होता है: मांसपेशियों में, गर्दन में (पीछे की ओर खिंची हुई), और अन्य विभिन्न स्थानों पर।
स्थितियां (Modalities): जब मरीज आराम की स्थिति में आता है, तो अंग सिकुड़ जाते हैं (हिस्टीरिकल सिकुड़न, उंगलियां खिंचकर बेढंगी हो जाती हैं)।
कमजोरी और लकवा: जरा सी बात पर झुनझुनी (tingling) शुरू हो जाती है। लकवाग्रस्त कमजोरी (Paralytic weakness) जो पैरेसिस (paresis) में बदल जाती है, और अंततः एक या दोनों तरफ का लकवा (जैसे, एक हाथ या एक पैर का लकवा)।
रीढ़ और पीठ (Spine & Back):
पीठ के ऊपरी (dorsal), निचले (lumbar) और त्रिकास्थि (sacral) क्षेत्रों में दर्द।
स्थितियां (Modalities): चलने पर आराम (>) मिलता है, कुर्सी से उठने पर दर्द बढ़ता (<) है।
दवाओं की तुलना: Rhus में त्रिकास्थि (sacral) क्षेत्र का दर्द चलने पर ठीक (>) होता है और बैठने पर शुरू होता है (इसके साथ Calc., Rhus, Phos., Sulph., और Sepia भी शामिल हैं)। कुर्सी से उठने पर दर्द का बढ़ना (<) Zinc., Petr., और Ledum का लक्षण है।
हाथ-पैर (Extremities): पैरों के तलवों में सुन्नपन। कदम रखने पर एड़ी में काटने जैसा दर्द और चुभन/दर्द। अंगों में झटके लगना, कांपना और खिंचाव।
बेचैन पैर (Fidgety Feet): पैरों में बहुत अधिक बेचैनी; मरीज हर समय एक पैर हिलाता रहता है और उसे स्थिर नहीं रख सकता।
नींद (Sleep): नींद के दौरान झटके (shocks) और फड़कन महसूस होती है।
मानसिक और भावनात्मक लक्षण (Mental & Emotional Symptoms)
याददाश्त और समझ: कमजोर, खराब और भुलक्कड़ याददाश्त। मरीज दिमाग को बात समझाने के लिए जवाब देने से पहले सवालों को दोहराता है (अक्सर टाइफाइड में या मस्तिष्क के रोगों के बाद ऐसा देखा जाता है)।
स्वभाव: शांत और विनम्र (docile) रहने की प्रवृत्ति, लेकिन उकसाए जाने पर अत्यधिक क्रोधी (irascible)।
चेतना (Consciousness): अर्ध-निद्रा (Semi-slumber) की स्थिति जहाँ मरीज बिना जवाब दिए कुछ पल के लिए घूरता रहता है।
मस्तिष्क रोग और तीव्र बीमारियां (Brain Affections & Acute Diseases)
मूर्छा का बढ़ना (Stupor Progression): जरा सी आवाज से मूर्छा (Stupor) टूट जाती है -> मरीज चौंक जाता है -> पूरे शरीर में झटके लगते हैं -> उत्तेजना धीरे-धीरे कम होती जाती है -> और अंततः पूरी तरह से बेहोशी में चला जाता है (जगाया नहीं जा सकता)।
गंभीर मस्तिष्क लक्षण: सिर को एक तरफ से दूसरी तरफ घुमाना (अक्सर कई दिनों तक)। आँखें चमकहीन (lusterless), शरीर दुबला/सूखा हुआ, जीभ सूखी और पपड़ीदार। बिस्तर में मल और मूत्र का अनैच्छिक रूप से निकल जाना।
बच्चों में (Scarlatina / Measles - स्कार्लेटिना / खसरा): दाने बाहर नहीं आते (सतह पर दाने निकालने में असमर्थता)। इसके कारण मूर्छा, ऐंठन (convulsions), अंगों में खिंचाव, मूत्र का रुक जाना, सिर घुमाना, और अंततः पूरी तरह से बेहोशी छा जाती है।
स्पाइनल मेनिनजाइटिस में दवाओं की तुलना:
Belladonna (बेलाडोना): लाल चेहरा, गर्म सिर, सिर घुमाना, चमकती आँखें, धड़कती कैरोटिड नसें।
Bryonia (ब्रायोनिया): विनम्र, सुस्त/मूर्ख, शरीर का रंग बैंगनी, नींद आना; शांति से आराम मिलता है।
Helleborus (हेलेबोरस): हल्का बुखार, ठंडे हाथ-पैर, सिर पटकना, फैली हुई पुतलियां, बेहोशी, मुश्किल से जगाया जा सकता है; सिर को एक तरफ से दूसरी तरफ घुमाना।
Zincum (जिंकम): यह तब काम आता है जब रिफ्लेक्सिस (प्रतिवर्त) खत्म हो जाते हैं। इसका उपयोग Gels., Bell., या Bry. से आराम मिलने के बाद किया जाता है।
महिलाओं का स्वास्थ्य (यौवन और मासिक धर्म)
यौवन में देरी: जब कोई लड़की यौवन (puberty) की आयु में पहुंचती है और मासिक धर्म (menses) शुरू होने का समय होता है, लेकिन स्राव नहीं होता, तो उसका स्वास्थ्य गिरने लगता है। कोरियक लक्षण (choreic symptoms), झटके, फड़कन, गर्दन के पीछे दर्द, पूरी रीढ़ में जलन, हाथ-पैरों में रेंगने का अहसास और सभी प्रकार के हिस्टीरिकल लक्षण दिखाई देते हैं।
मासिक धर्म (Menstruation): कष्टार्तव (Dysmenorrhea) जिसमें अंडाशय (ovaries) और गर्भाशय में हिस्टीरिकल उत्तेजना के साथ भयंकर दर्द होता है।
आराम की स्थिति: जैसे ही मासिक धर्म का स्राव शुरू होता है, आराम मिल जाता है (स्राव से बेहतर >)।
दवाओं की तुलना:
Lachesis और Zincum दोनों में स्राव से पहले दर्द बढ़ता (<) है और स्राव के साथ आराम (>) मिलता है। हालाँकि, Lachesis में, जब स्राव कम हो जाता है तो दर्द फिर से लौट आता है।
Cimicifuga में स्राव के दौरान घबराहट और हिस्टीरिया होता है; स्राव जितना अधिक होता है, दर्द उतना ही भयंकर होता है। इसमें कभी-कभी रुक-रुक कर स्राव होता है, प्रत्येक रुकावट (intermission) के दौरान दर्द रुक जाता है और स्राव दोबारा शुरू होने पर दर्द लौट आता है।
गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल और मूत्र प्रणाली (Gastrointestinal & Urinary Systems)
पेट: पचने में धीमा, खट्टी उल्टी।
आंतें: सुस्त आंतें, मल का मलाशय (rectum) में फँस जाना। रीढ़ की हड्डी के लक्षणों से जुड़ी पुरानी कब्ज।
मूत्र (Urinary): पेशाब का रुक जाना (Suppression of urine)। मूत्राशय के लकवे के कारण पेशाब निकालने में कठिनाई। पेशाब शुरू होने में देरी होती है और मरीज केवल बैठकर, या सीट के पीछे पीठ टिकाकर सख्त दबाव डालकर ही पेशाब कर सकता है।
आँखों के लक्षण (Eye Symptoms)
दृष्टि और अहसास: आँखों के आसपास अजीब खिंचाव, मानो भेंगापन (strabismus) आने वाला हो। भयंकर फोटोफोबिया (प्रकाश के प्रति संवेदनशीलता - ऐसा लगता है जैसे रोशनी उसे अंधा कर देगी)।
आँखों में शारीरिक बदलाव: कंजंक्टाइवा का मोटा होना और धुंधलापन (टेरीजियम - pterygium की तरह मोटा होना)। पलकों का कष्टदायक मोटा होना (एक्ट्रोपियन - ectropion और एंट्रोपियन - entropion)।
भेंगापन (Strabismus): मस्तिष्क की समस्याओं या स्कार्लेट ज्वर (scarlet fever) के बाद होता है।
नैदानिक संकेत (Clinical Indications)
जिंकम मेटैलिकम (Zincum Metallicum) निम्नलिखित स्थितियों के इलाज में उपयोगी है:
शराब की लत (Alcoholism)
एम्ब्लियोपिया (Amblyopia - मंद दृष्टि)
अस्थमा (Asthma)
ब्रेन-फैग (Brain-fag - दिमागी थकान)
मस्तिष्क का लकवा (Brain, paralysis of)
स्तनों के रोग (Breasts, affections of)
मोतियाबिंद (Cataract)
चिलब्लेन्स (Chilblains - ठंड से सूजन)
ठुड्डी पर दाने (Chin, eruption on)
क्लोरोसिस (Chlorosis)
हैजा (Cholera)
कोरिया (Chorea - झटके वाली बीमारी)
कब्ज (Constipation)
दरारें (Cracks)
दांत निकलना (Dentition)
तंत्रिका दस्त, मूर्छा के साथ (Diarrhœa, nervous; with stupor)
डिप्थीरिया (Diphtheria)
पेचिश (Dysentery)
मूत्रकृच्छ (Dysuria - दर्दनाक पेशाब)
कान का दर्द (Earache)
एक्जिमा (Eczema)
बिस्तर गीला करना (Enuresis)
दबे हुए दाने (Eruptions; suppressed)
आँखों के रोग (दानेदार पलकें - granular lids)
अत्यधिक थकान (Fag)
दबे हुए पैरों का पसीना (Foot-sweat; suppressed)
पेट दर्द (Gastralgia)
सिरदर्द (तंत्रिका संबंधी, क्लोरोटिक)
एड़ी का दर्द (Heels, pains in)
वंक्षण हर्निया (Hernia, inguinal)
हिचकी (Hiccough)
हाइड्रोसिफ़ैलस (Hydrocephalus)
हाइपरपाइरेक्सिया, नर्वस (Hyperpyrexia, nervous - तंत्रिका संबंधी अत्यधिक बुखार)
हाइपोकॉन्ड्रियासिस (Hypochondriasis - बीमारी का भ्रम)
हिस्टीरिया (Hysteria)
स्तन के नीचे का दर्द (Inframammary pain)
जोड़ों में कड़कड़ाहट (Joints, creaking in)
होंठ के रोग (Lips, affections of)
दबा हुआ लोचिया (Lochia; suppressed - प्रसवोत्तर स्राव का दबना)
गाल की हड्डियों में नसों का दर्द (Malar bones, neuralgia in)
हस्तमैथुन (Masturbation)
कमजोर याददाश्त (Memory, weak)
मेनिनजाइटिस (Meningitis)
मानसिक कमजोरी (Mental weakness)
दूध की कमी; दबा हुआ (Milk, defective; suppressed)
न्यूराल्जिया (पसलियों के बीच, पसलियों के नीचे)
न्यूरस्थेनिया (Neurasthenia - तंत्रिका दुर्बलता)
निप्पल में घाव/दर्द (Nipples, sore)
नाक का लाल होना (Nose, redness of)
निम्फोमेनिया (Nymphomania - महिलाओं में अत्यधिक कामेच्छा)
अन्नप्रणाली की ऐंठन (Œsophagus, spasm of)
कान बहना (Otorrhœa)
फोटोप्सिया (Photopsia - आँखों में चमक दिखना)
प्रोस्टेटोरिया (Prostatorrhœa - प्रोस्टेट स्राव)
टोसिस (Ptosis - पलकों का गिरना)
दोषपूर्ण प्रतिक्रिया (Reaction, defective)
गठिया (Rheumatism)
चीखना (Screaming)
अत्यधिक नींद (Sleepiness)
नींद में चलना (Somnambulism)
स्पर्मेटोरिया (Spermatorrhœa - धातु रोग)
रीढ़ की हड्डी में जलन/चिड़चिड़ापन (Spinal irritation)
रीढ़ के रोग (Spine, affections of)
तिल्ली (Spleen) का न्यूराल्जिया
भेंगापन (Strabismus)
स्राव/दानों का दबना (Suppressions)
टार्सल ट्यूमर (Tarsal tumours - पलक की गांठ)
गले में खराश (Throat, sore)
टिबिया (पैर की हड्डी) में जलन (Tibia, burning in)
टाइफाइड बुखार (Typhoid fever)
अल्सर (Ulcers)
हिस्टीरिकल कारणों से पेशाब का रुकना (Urine, hysterical retention of)
वेरिकोसिस (गर्भावस्था के दौरान बाहरी जननांगों की सूजी हुई नसें) (Varicosis)
काली खांसी (Whooping-cough)
कीड़े (Worms)
गंभीर स्थिति का स्वयं उपचार न करें
इस तरह की स्थितियों में डॉक्टर की सलाह ज़रूरी है। ऑनलाइन परामर्श शुरू करें और अपने अनुसार उपचार योजना पाएं।
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