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कैमोमिला होम्योपैथी: लक्षण, दांत निकलने की समस्याएं एवं प्रयोग

कैमोमिला मुख्य रूप से अत्यधिक क्रोधी और दर्द के प्रति अतिसंवेदनशील रोगियों के लिए उपयोगी है। इसके मुख्य लक्षणों में बच्चे को गोद में लेने पर आराम मिलना, दांत निकलते समय दस्त व उल्टी, एक गाल लाल व गर्म होना, और गर्मी से बढ़ने वाला दांत दर्द शामिल हैं।

कैमोमिला होम्योपैथी: लक्षण, दांत निकलने की समस्याएं एवं प्रयोग

शब्द की उत्पत्ति

'कैमोमाइल' (Chamomile) शब्द ग्रीक भाषा के chamaimēlon ("धरती का सेब") से लिया गया है, जो chamai ("ज़मीन पर") और mēlon ("सेब") से मिलकर बना है। इसका यह नाम पौधे की सेब जैसी सुगंध के कारण पड़ा है।

प्रमुख लक्षण एवं विशेषताएं

मन और स्वभाव

  • अत्यधिक चिड़चिड़ापन: क्रोधी, असभ्य, तुनकमिज़ाज, अधीर और बात-बात पर चिढ़ने वाला स्वभाव; गुस्से के कारण समस्याएं बढ़ती हैं।

  • दर्द के प्रति अतिसंवेदनशीलता: दर्द बिल्कुल बर्दाश्त नहीं होता, जिससे रोगी बेचैन और आपे से बाहर हो जाता है।

  • मनमौजीपन: बच्चे किसी चीज़ के लिए रोते-चिल्लाते हैं, लेकिन मिलने पर उसे तुरंत फेंक देते हैं।

  • मानसिक स्थिति: दर्द के बारे में सोचने पर तकलीफ बढ़ती है, जबकि किसी काम में व्यस्त रहने या ध्यान बंटाने से आराम मिलता है।

शिशु एवं दांत निकलना

  • दांत निकलने की समस्याएं: धीमी गति से दांत निकलने पर बच्चा चिड़चिड़ा हो जाता है, नींद नहीं आती, उल्टी और दस्त की समस्या होती है। बच्चा किसी बुरे सपने की तरह घबराकर चौंकते हुए जागता है।

  • गोद में लेने से आराम: बच्चे को गोद में उठाने और दुलारने से उसकी समस्याओं (पेट दर्द, कान दर्द, बुखार, सर्दी और दांत की तकलीफ) में आराम मिलता है।

  • नींद के दौरान हरकतें: सोते समय चेहरे और हाथों की मांसपेशियों में खिंचाव व फड़कन होती है।

सिर, चेहरा और कान

  • चेहरे का एकतरफा गर्म होना: एक गाल लाल और गर्म होता है जबकि दूसरा ठंडा/पीला रहता है; खाने या पीने के बाद चेहरे पर पसीना आता है।

  • सिर का पसीना: पसीना केवल सिर और बालों वाली त्वचा पर आता है।

  • कान दर्द: कान खुली हवा के प्रति संवेदनशील होते हैं; गर्मी या सिंकाई से कान दर्द में राहत मिलती है।

  • चेहरे का नसों का दर्द: चेहरे की बाहरी नसों के दर्द में गर्मी से आराम मिलता है।

दांत और मुंह

  • दांत दर्द के लक्षण:

    • दर्द बढ़ता है: गर्म कमरे में आने से, गर्म बिस्तर में जाने से, कुछ भी गर्म पीने से, शरीर में गर्मी बढ़ने से और आधी रात से पहले।

    • दर्द घटता है: ठंडी हवा में रहने से और मुंह में ठंडा पानी या ठंडे पेय रखने से।

  • मुंह और गला: मुंह से बदबू आना, टॉन्सिल में सूजन और गले में खराश।

श्वसन और सर्दी-जुकाम

  • जुकाम: नाक से पतला, तीखा और चिपचिपा स्राव बहना तथा सूंघने की क्षमता कम होना; नाक बंद रहने पर भी पतला पानी बहना और छींकें आना।

  • खांसी: सूखी और परेशान करने वाली खांसी जो सोने नहीं देती, या छाती में बलगम भरी घरघराहट वाली खांसी। नींद के दौरान खांसी होना और गुस्से के बाद खांसी का दौरा पड़ना।

  • काली खांसी (Whooping Cough): बच्चा गोद में रहना चाहता है; खांसी के साथ उबकाई और उल्टी आती है। रात 9 बजे से आधी रात तक तकलीफ बढ़ती है, जबकि आधी रात के बाद या बिस्तर में गर्म होने पर आराम मिलता है।

पेट और पाचन

  • भूख और प्यास: भूख न लगना; ठंडे पानी की अत्यधिक प्यास; खट्टे पेय पदार्थों की तीव्र इच्छा।

  • अरुचि: कॉफी, गर्म पेय, सूप और तरल भोजन से नफरत (कैमोमिला कॉफी के दुष्प्रभावों को ठीक करती है)।

  • पेट दर्द (Colic): पेट ढोल की तरह फूला हुआ और तना हुआ; गर्म सिंकाई से दर्द में आराम।

  • मल: अत्यधिक गर्म मल जिससे गुदा छिल जाती है; घास जैसा हरा या पीला-सफेद मल जिसमें हरा श्लेष्मा (कटे अंडे और पालक जैसा) मिला होता है; सड़े अंडे (सल्फरेटेड हाइड्रोजन) जैसी तीखी दुर्गंध।

महिला एवं प्रसूति

  • प्रसव पीड़ा: दर्द पीठ से शुरू होकर जांघों के अंदरूनी हिस्से की ओर नीचे जाता है; महिला दर्द सहन नहीं कर पाती, अधीर व क्रोधी हो जाती है; गर्भाशय का मुंह (os) कठोर रहता है।

  • दूध का सूखना: अत्यधिक गुस्से के कारण स्तनपान कराने वाली मां का दूध सूख जाना।

अंग, नींद और रक्तसंचार

  • नींद संबंधी समस्या: नींद आती है लेकिन सो नहीं पाता (Belladonna); रात के शुरुआती हिस्से में भारी बेचैनी।

  • तलवे और पैर: तलवों में जलन के कारण पैरों को बिस्तर से बाहर निकालता है (Sulphur); पैरों और पिंडलियों में ऐंठन।

  • गठिया का दर्द: दर्द रोगी को बिस्तर से उठकर लगातार टहलने पर मजबूर करता है, जिससे उसे आराम मिलता है।

  • तापमान: शरीर में ठंडक महसूस होती है जबकि चेहरा गर्म रहता है।

    matricaria chamomilla

लक्षणों में घट-बढ़ (Modalities)

  • कष्ट बढ़ता है: गर्मी से (केवल दांत दर्द), क्रोध/गुस्से से, रात 9 बजे से आधी रात के बीच, शाम और रात के समय, तथा दर्द के बारे में सोचने से।

  • कष्ट घटता है: गर्मी या सिंकाई से (शरीर के सामान्य दर्द, पेट दर्द, कान दर्द, चेहरे की नसों का दर्द), ठंड से (केवल दांत दर्द), बच्चे को गोद में उठाने से, टहलने/घूमने से (गठिया दर्द), और मन को किसी काम में व्यस्त रखने से।

तुलनात्मक औषधियां

औषधि

प्रमुख अंतर एवं लक्षण

Passiflora incarnata

घबराहट के कारण होने वाली अनिद्रा में उपयोगी (साफ जीभ इसका प्रमुख लक्षण है); ऐंठन और टिटनेस में भी लाभकारी।

Cypripedium

बच्चे रात में जागकर खेलने लगते हैं और प्रसन्न रहते हैं (यह मस्तिष्क संबंधी समस्या का संकेत है)।

Pulsatilla

स्वभाव से शांत और नम्र (कैमोमिला की तरह चिड़चिड़ा और क्रोधी नहीं, हालांकि दोनों दर्द के प्रति संवेदनशील हैं)।

Belladonna

नींद आती है लेकिन रोगी सो नहीं पाता।

Sulphur

पैरों के तलवों में जलन होना और उन्हें बिस्तर से बाहर निकालना।

Staphisagria एवं Bryonia

कैमोमिला की तरह ही क्रोधी और चिड़चिड़ा मानसिक स्वभाव।

Nux vomica, Sambucus, Sticta

जुकाम में नाक पूरी तरह से बंद हो जाना।

Rhus tox, Ferrum met, Veratrum alb

गठिया के दर्द में चलने-फिरने से आराम, लेकिन इनमें कैमोमिला जैसा बुखार, उत्तेजना और चिड़चिड़ापन नहीं होता।

यह केवल सामान्य जानकारी है, पूर्ण परामर्श या आपके नियमित चिकित्सक की सलाह का विकल्प नहीं।